खाता मिटाने का अनुरोध

आपका खाता और उसमें सहेजी सारी जानकारी मिटाई जा सकती है। अनुरोध कीजिये।

अनुरोध कैसे कीजिये

खाता मिटाने के लिये हमें उसी ईमेल से लिखिये जिससे खाता बना है, और सन्देश में इतना लिख दीजिये — «मेरा खाता मिटा दीजिये»।

उसी ईमेल से लिखना आवश्यक है, और यह आपकी ही रक्षा के लिये है: किसी और के कहने पर आपका खाता न मिट जाए।

फिर क्या होता है

उत्तर
तीन कार्य-दिवस में आपको पुष्टि मिल जाती है
मिटने में
पुष्टि के बाद सात दिन — यह अवधि जान-बूझकर रखी गई है, जिससे भूल से किया गया अनुरोध आप रोक सकें
रोकना
उन सात दिनों में «रुकिये» लिख दीजिये, और कुछ नहीं मिटेगा

क्या-क्या मिटता है

  • आपका खाता — ईमेल, नाम और पासवर्ड
  • आपकी सहेजी सारी कुण्डलियाँ और मिलान, और उनमें भरा सारा जन्म-विवरण
  • आपके व्यक्तिगत मुहूर्त और उनमें भरा जन्म-विवरण
  • आपका पत्र-शीर्ष (letterhead), यदि बनाया हो
  • आपके प्रवेश-सत्र — अर्थात् सब यन्त्रों से आप बाहर हो जाते हैं

क्या नहीं मिटता, और क्यों

  • ख़रीद का लेखा — कौन-सी योजना, कब, कितने की। यह हिसाब-किताब के नियमों के कारण रखना पड़ता है। उसमें आपका जन्म-विवरण नहीं होता।
  • आपके भेजे सन्देश — यदि आप चाहें तो वे भी हटा दिये जाते हैं; अनुरोध में इतना लिख दीजिये।

मिटाने से पहले यह देख लीजिये

यदि आपकी सदस्यता चल रही है तो खाता मिटने के साथ वह भी समाप्त हो जाती है, और शेष दिनों का शुल्क नहीं लौटता।

मिटाया हुआ लौटाया नहीं जा सकता। यदि कोई कुण्डली आगे काम आनी है तो अनुरोध से पहले उसका पत्रक उतार लीजिये — हर कुण्डली के पन्ने पर पत्रक उतारने का बटन है।

केवल एक कुण्डली हटानी है?

तो पूरा खाता मिटाने की आवश्यकता नहीं। अपने खाते के पन्ने पर सहेजी कुण्डलियों की सूची में से जिसे चाहें, उसी क्षण हटा सकते हैं।

सम्पर्क

नारायण विजय पंचांग — उज्जैन, मध्यप्रदेश, भारत।

ईमेल — [email protected] · अथवा सम्पर्क फ़ॉर्म भरिये।

अन्तिम संशोधन — २३ अक्टूबर २०२६
खाता मिटाने का अनुरोध · नारायण विजय पंचांग