ज्योतिषीय घटनाक्रम
ग्रहों की गति से जुड़ी घटनाएँ — अस्त-उदय, गोचर, वक्री-मार्गी तथा राशि-परिवर्तनग्रहों का घटनाक्रम — ग्रह सदा एक ही चाल से नहीं चलते। कोई सूर्य के निकट आकर अस्त हो जाता है और कुछ समय बाद पुनः उदित होता है; कोई अपनी गति उलटकर वक्री हो जाता है और फिर मार्गी; और सब समय-समय पर राशि बदलते रहते हैं। मुहूर्त तथा फल — दोनों इन्हीं घटनाओं पर टिके हैं, इसीलिए इन्हें एक ही स्थान पर रखा है।