ज्योतिषीय घटनाक्रम

ग्रहों की गति से जुड़ी घटनाएँ — अस्त-उदय, गोचर, वक्री-मार्गी तथा राशि-परिवर्तन
ग्रह अस्त एवं उदय
गुरु व शुक्र के अस्त-उदय की तिथियाँ — वर्ष-वार, कोष्ठक-गणित से।
ग्रह गोचर
ग्रहों का सम्प्रति गोचर तथा उसका फल।
ग्रह स्थिति
नव ग्रह — राशि, अंश-कला-विकला, उच्च-नीच तथा वक्री-मार्गी अवस्था।
राशि परिवर्तन
चन्द्र तथा अन्य ग्रह किस दिन, किस घड़ी, किस राशि में जाते हैं — दैनिक पंचांग में प्रतिदिन।
ग्रह वक्री एवं मार्गी
कौन-सा ग्रह कब वक्री हुआ और कब मार्गी — वर्ष-भर की सूची।
सूर्य एवं चन्द्र ग्रहण
वर्ष-भर के ग्रहण — विश्व-काल तथा आपके नगर में जो दिखे, दृक् गणित से।
ग्रहों की परस्पर दृष्टि
किस ग्रह की किस ग्रह पर दृष्टि — सप्तम तथा विशेष दृष्टि, राशि से।
अगस्त्य एवं रोहिणी-शकट
अगस्त्य कब अस्त होता है और कब उदय, तथा रोहिणी-शकट का भेद — वर्ष-भर की सूची, ग्रहलाघव से।
ग्रहों का परस्पर समानान्तरआ रहा है
दो ग्रहों की क्रान्ति (declination) समान होने की स्थिति।
यह गणना अभी हमारे यहाँ नहीं है — जोड़ने से पूर्व निर्णय अपेक्षित।
ग्रह क्रान्तिवृत्त पारगमनआ रहा है
ग्रहों का क्रान्तिवृत्त के आर-पार जाना।
यह गणना अभी हमारे यहाँ नहीं है — जोड़ने से पूर्व निर्णय अपेक्षित।
ग्रहों का घटनाक्रम — ग्रह सदा एक ही चाल से नहीं चलते। कोई सूर्य के निकट आकर अस्त हो जाता है और कुछ समय बाद पुनः उदित होता है; कोई अपनी गति उलटकर वक्री हो जाता है और फिर मार्गी; और सब समय-समय पर राशि बदलते रहते हैं। मुहूर्त तथा फल — दोनों इन्हीं घटनाओं पर टिके हैं, इसीलिए इन्हें एक ही स्थान पर रखा है।
नारायण विजय पंचांग