सेवा-प्रदान नीति
सदस्यता लेने के बाद क्या होता है।कोई वस्तु भेजी नहीं जाती
यह साइट कोई वस्तु नहीं बेचती, सो यहाँ डाक, कुरियर अथवा डिलीवरी का कोई प्रश्न नहीं है, और उसका कोई शुल्क भी नहीं।
जो दिया जाता है वह पंचांग के पन्नों तक पहुँच है, और वह आपके उसी खाते पर खुलती है जिससे आपने सदस्यता ली।
कब खुलती है
भुगतान पूरा होते ही, उसी क्षण। आपको कहीं प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती और कोई कोड भी नहीं डालना पड़ता — पन्ना फिर खोलने पर वह खुला मिलेगा।
यदि न खुले
कभी भुगतान-सेवा से सूचना आने में कुछ क्षण लग जाते हैं। एक बार पन्ना फिर खोलकर देखिये।
तीस मिनट में भी न खुले तो हमें लिखिये और भुगतान का क्रमांक दीजिये। पहुँच हाथ से खोल दी जाएगी, अथवा आप कहें तो पूरा शुल्क लौटा दिया जाएगा।
कितने समय तक
जितनी अवधि की योजना आपने ली है, उतनी। अवधि «पैकेज» के पन्ने पर हर योजना के साथ लिखी होती है, और आपके खाते के पन्ने पर भी दिखती रहती है।
सम्पर्क
नारायण विजय पंचांग — उज्जैन, मध्यप्रदेश, भारत।
पहुँच खोलने में कोई कठिनाई हो तो लिखिये — वही दिन देख लिया जाएगा।
ईमेल — [email protected] · अथवा सम्पर्क फ़ॉर्म भरिये।